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Samskrita Bharati
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12.01.2026 20:20
संस्कृतभारती द्वारा उज्जैन में सातवाँ अंतरराष्ट्रीय संस्कृत चलचित्र उत्सव संपन्न।

संस्कृतभारती एवं कालिदास संस्कृत अकादमी के संयुक्त तत्त्वावधान में उज्जैन स्थित विद्या भारती संकुल, विक्रमादित्य भवन में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के पावन अवसर पर सातवाँ अंतरराष्ट्रीय संस्कृत चलचित्र उत्सव सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस उत्सव में प्रस्तुत किए गए सभी चलचित्र संस्कृत भाषा में निर्मित थे। समारोह में कुल 50 चलचित्रों एवं 40 रील्स की प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं, जिनका केंद्रवर्ती विषय ‘पंच परिवर्तन’ रहा।
उत्सव के दौरान सभागार में लगभग 400 से अधिक दर्शकों ने प्रत्यक्ष रूप से चलचित्रों का अवलोकन किया, वहीं ऑनलाइन माध्यम से यह कार्यक्रम विश्व के विभिन्न देशों में भी प्रसारित किया गया।

चलचित्रों के निर्णायक मंडल में मुंबई से IDPA अध्यक्ष श्री संस्कार देसाई, प्रसिद्ध निर्देशक श्री युवराज कुमार तथा केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (CSU) के नाट्य अनुसंधान केंद्र से डॉ. चन्नबसवस्वामी हिरेमठ सम्मिलित रहे। निर्णायकों द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री उमेशनाथ जी महाराज, श्रीमती कलावती यादव तथा अभिनेत्री श्री ऐश्वर्या शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

समारोह में भारत के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों से पधारे कलाकारों को पुरस्कार प्रदान किए गए। चलचित्र श्रेणी में ‘थानोस’ (प्रथम पुरस्कार) – विशाखापट्टनम् को ₹1,00,000/-, ‘अस्तेयम्’ (द्वितीय पुरस्कार) – भाग्यनगर को ₹75,000/- तथा तृतीय पुरस्कार (संयुक्त) – ‘शिवायतनम्’ (गुजरात) एवं ‘आत्मव्रतम्’ (महाराष्ट्र) को कुल ₹50,000/- की राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त विशेष श्रेणी के 11 पुरस्कार तथा रील्स हेतु कुल ₹4 लाख से अधिक की पुरस्कार राशि संस्कृत भारती द्वारा प्रदान की गई।

कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक डॉ. गोविंद गंधे ने स्वागत समिति के सदस्यों का परिचय कराया, जबकि संस्कृत भारती के क्षेत्राध्यक्ष प्रो. विरूपाक्ष वी. जड्डीपाल ने आभार प्रदर्शन किया।

आगामी वर्ष जनवरी 2027 में पुनः आठवाँ अंतरराष्ट्रीय संस्कृत चलचित्र उत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें चलचित्रों की भाषा संस्कृत होगी तथा विषय चयन स्वतंत्र रहेगा।
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