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�� व्याख्या :- चेलावास का युद्ध 18 सितम्बर 1857 ई.
18 सितम्बर 1857 ई. को जॉर्ज पैट्रिक लॉरेंस व क्रांतिकारियों के बीच 'चेलावास का युध्द' हुआ जिसमें कुशाल सिंह चाम्पावत को जीत मिली।
इस युद्ध में जोधपुर के पॉलिटिकल एजेन्ट 'मॉक मेसन' की हत्या कर उसका सिर आउवा किले के दरवाजे के बाहर लटका दिया गया था।
मैक मेसन की हत्या के बाद 'मौरीसन' जोधपुर का कार्यवाहक पॉलिटिकल एजेन्ट बना।
राजस्थानी साहित्य में चेलावास के युद्ध को 'काले-गौरे का युद्ध' (Battle of Black and white) कहा जाता है। ��
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