VNIT नागपुर में आचार्य प्रशांत का प्रभावशाली संवाद
11 अप्रैल को VNIT नागपुर में आयोजित आचार्य प्रशांत के सत्र में छात्रों और फ़ैकल्टी की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। पूरे परिसर में जिज्ञासा और संवाद का जीवंत वातावरण बना रहा, जहाँ युवाओं ने खुलकर अपने प्रश्न रखे और चर्चा में भाग लिया। प्रश्नोत्तर सत्र के बाद आचार्य प्रशांत ने गीता के तृतीय अध्याय के श्लोक 24 और 25 पर चर्चा करते हुए कर्म और उद्देश्य की स्पष्टता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सीमित इच्छाएँ जीवन को सीमित बना देती हैं, जबकि आत्मज्ञान ही सार्थक कर्म का आधार बनती है। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में युवाओं के साथ अपने संवादों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए, यह सत्र भी एक प्रेरणादायक और विचारोत्तेजक पड़ाव सिद्ध हुआ।
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