गीता सत्रों से जुड़ने का लिंक:
https://acharyaprashant.org/hi/live-sessions?t=enq&cmId=m00002-c50
————————————
पहले मैं खुद को मज़बूत समझती थी…
पर सच में अंदर डर ही ज़्यादा था।
डर - लोग क्या कहेंगे?
डर - अगर असफल हो गई तो?
डर - मैं कर भी पाऊँगी या नहीं?
फिर गीता सत्रों से जुड़कर
एक छोटी सी बात समझ में आई -
डर से भागने से कुछ नहीं बदलता,
उसे देखना पड़ता है।
बस वहीं से शुरुआत हुई…
कमज़ोरी अब छिपाने की चीज़ नहीं लगती है,
उस पर काम करने का मन होता है।
अब फ़र्क इतना है -
पहले डर चलाता था,
पर अब थोड़ा-थोड़ा करके
मैं खुद को संभाल रही हूँ।
गीता सत्रों से डर के बावजूद आगे बढ़ने की हिम्मत मिली है।
🙏
Обсуждение 0
Обсуждение не доступно в веб-версии. Чтобы написать комментарий, перейдите в приложение Telegram.
Обсудить в Telegram