● दुश्मन का सामना करते हुए, उनके द्वारा प्रदर्शित किए गए विशिष्ट साहस के लिए, 2/लेफ्टिनेंट अरुण क्षेत्रपाल को मरणोपरांत 'परमवीर चक्र' से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का क्षेत्रपाल परेड ग्राउंड तथा भारतीय सैन्य अकादमी का क्षेत्रपाल ऑडिटोरियम, उनकी वीरता को चिरस्थायी श्रद्धाजंलि है। युद्धभूमि में उनके वीरतापूर्ण कारनामे आने वाली पीढ़ियों के लिए अनुकरणीय तथा प्रेरणा के स्रोत हैं।
● अरुण क्षेत्रपाल अपने सहयोगियों के बीच अरुण खेत्रपाल के नाम से जाने जाते हैं। प्रशस्ति पत्र में अरुण क्षेत्रपाल नाम ही उल्लिखित है।
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